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Waqf Bill: सदन से शीर्ष अदालत पहुंची वक्फ की लड़ाई, अब न्यायालय के शरण में विपक्ष
Waqf Amendment Bill: विपक्ष के नेताओं ने एक बार वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कहा- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
Waqf Amendment Bill: लोकसभा में विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच देर रात वक्फ संशोधन बिल पास हो गया। लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल के समर्थन में 288 और विरोध में 232 मत पड़े थे। अब सबकी निगाहें इस बात पर लगी हैं कि राज्यसभा में मोदी सरकार इस बिल के समर्थन में कितने सांसदों का समर्थन जुटाने में कामयाब होगी। लेकिन इस बीच अब विपक्ष के कई नेताओं ने बिल के खिलाफ देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के एक्स में ट्वीट करते हुए लिखा कि भाजपा ने एकजुट विपक्ष की अनदेखी करते हुए आधी रात के बाद अल्पसंख्यक विरोधी #वक्फसंशोधन विधेयक पारित कर दिया। यह बेशर्मी भरा कदम संवैधानिक मूल्यों और धर्मनिरपेक्षता को कमजोर करता है। तमिलनाडु और डीएमके इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
वहीं, JDU नेता गुलाम रसूल बलियावी ने भी वक्फ बिल के खिलाफ भारी विरोध दर्ज किया किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि हम वक्फ बिल के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। बता दें कि वक्फ बिल का जदयू पार्टी ने पुरजोर समर्थन किया है। वहीं, इस बिल को लेकर कुछ धर्मगुरु भी अब न्यायालय की शरण में जाने का समर्थन दे रहे हैं।
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर कांग्रेस सांसद और JPC सदस्य इमरान मसूद ने कहा, "संविधान को रौंदा जा रहा है। यह दुखद है कि संख्या (सांसदों की) के आधार पर चीजें चल रही हैं। हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और अदालत जाएंगे।"
बिल से होगा सभी को फायदा
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, "कल 12 घंटे वक्फ पर चर्चा हुई। उसके बाद वोटिंग हुई साढ़े 14 घंटे चला। सरकार सीधे इस बिल को पास करा सकती थी लेकिन इस बिल को JPC में भेजने का प्रस्ताव सरकार ने खुद किया था। कल पूरा देश देख रहा था कि 12 घंटे चर्चा में उन्होंने हिस्सा लिया लेकिन फिर भी वे कह रहे थे कि उन्हें (विपक्ष) बोलने नहीं दिया जा रहा है। कल ये जो बिल पास हुआ है इससे सभी को फायदा होगा, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल को फाड़ दिया। वो इस पर विरोध कर सकते थे लेकिन बिल नहीं फाड़ सकते थे।