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Gold Smuggling Cases in India: विदेश से सोना और नकदी लाने के नियम क्या हैं, आइए जानते हैं कानून और सजा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

Sone Ki Taskari Karne Ki Saja: आइए जानते हैं भारत में विदेश से सोना और कैश लाने के क्या नियम हैं और इनकी तस्करी करने पर क्या सजा मिलती है।

Akshita Pidiha
Written By Akshita Pidiha
Published on: 2 April 2025 12:21 PM IST
Sone Ki Taskari Karne Ki Saja
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Sone Ki Taskari Karne Ki Saja (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

Sone Ki Taskari Karne Ki Saja: विदेश यात्रा से लौटते समय यात्रियों को सोना और नकदी लाने पर कुछ कानूनी प्रतिबंध और नियम लागू होते हैं। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे भारी जुर्माने और सजा का सामना करना पड़ सकता है। भारत में सोने और नकदी की तस्करी पर कस्टम एक्ट, 1962, फेमा (FEMA) 1999, और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 जैसे सख्त कानून लागू हैं।

विदेश से सोना लाने के नियम (Rules For Bringing Gold From Abroad)

(फोटो साभार- सोशल मीडिया)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और कस्टम विभाग द्वारा सोना लाने के लिए निम्नलिखित नियम लागू हैं-

अधिकतम 20 ग्राम सोना (हैंड कैरी में) लाने की अनुमति है। इसकी अधिकतम कीमत 50,000 रुपये हो सकती है।

महिला यात्रियों के लिए: अधिकतम 40 ग्राम सोना लाने की अनुमति है। इसकी अधिकतम कीमत 1,00,000 रुपये हो सकती है।

शिशु/बच्चे: 2 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कोई छूट नहीं है।

शर्तें: यह छूट केवल उन्हीं यात्रियों को दी जाती है, जिन्होंने लगातार 6 महीने या उससे अधिक विदेश में बिताए हों। यदि यात्री विदेश में 6 महीने से कम समय के लिए रहा है, तो उसे सोने पर कस्टम ड्यूटी देनी होगी।

सोने पर कस्टम ड्यूटी (Custom Duty On Gold)

विदेश से सोना लाने पर कस्टम ड्यूटी देनी पड़ती है। सोने की छूट सीमा से अधिक सोना लाने पर, उस पर 38.5% तक टैक्स देना होता है। यदि सोना 100 ग्राम से अधिक है, तो इसे अवैध माना जाएगा और जब्त कर लिया जाएगा।

कस्टम ड्यूटी दर (Custom Duty Rate)

बिना डिक्लेरेशन के सोना लाने पर: 38.5% टैक्स + जुर्माना

डिक्लेरेशन देकर लाने पर: 15% आयात शुल्क + 3% GST + 5% सामाजिक कल्याण अधिभार

गोल्ड बार और ज्वेलरी पर नियम (Rules For Gold Bars And Jewellery)

विदेश से लाया गया सोना यदि बिस्किट, सिक्के या बार के रूप में है, तो उस पर भी कस्टम ड्यूटी देनी होगी। यदि सोना गहनों के रूप में है, तो दी गई सीमा तक कोई शुल्क नहीं लगेगा। अधिक मात्रा में सोना लाने पर जुर्माना और जब्ती का प्रावधान है।

विदेश से नकदी लाने के नियम (Rules For Bringing Cash From Abroad)

(फोटो साभार- सोशल मीडिया)

विदेश यात्रा से लौटते समय नकदी लाने के लिए भी भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और कस्टम विभाग द्वारा नियम तय किए गए हैं।

भारतीय मुद्रा (INR) लाने की सीमा

विदेशी यात्रियों के लिए 25,000 रुपये तक की भारतीय मुद्रा लाने की अनुमति है। यदि कोई व्यक्ति इससे अधिक नकदी लाता है, तो उसे कस्टम अधिकारियों को जानकारी देनी होगी।

विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) लाने की सीमा

10,000 अमेरिकी डॉलर (USD) या इससे अधिक की विदेशी नकदी लाने पर घोषणा करना अनिवार्य है। यदि विदेशी मुद्रा 5,000 USD या अधिक हो, तो इसे कस्टम फॉर्म में घोषित करना होगा। 10,000 डॉलर से अधिक नकदी लाने पर उसे जब्त किया जा सकता है।

नकदी कैसे डिक्लेयर करें

एयरपोर्ट पर कस्टम डिक्लेरेशन फॉर्म (CDF) भरकर नकदी की जानकारी दे सकते हैं। नकदी के सोर्स से जुड़े दस्तावेज भी देने पड़ सकते हैं। अगर जानकारी सही है तो टैक्स भरकर नकदी को क्लियर कर दिया जाता है।

कानून तोड़ने पर सजा और दंड

यदि कोई व्यक्ति विदेश से सोना या नकदी लाने के नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे कस्टम एक्ट, 1962 और फेमा (FEMA) 1999 के तहत सजा हो सकती है।

सोना तस्करी पर सजा (Punishment For Gold Smuggling)

(फोटो साभार- सोशल मीडिया)

अवैध रूप से सोना लाने पर, उसे जब्त कर लिया जाता है। सोने की मात्रा के आधार पर जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। यदि व्यक्ति 20 लाख रुपये से अधिक मूल्य का सोना लाता है, तो उसे 7 साल तक की जेल हो सकती है। 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य का सोना लाने पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।

नकदी तस्करी पर सजा (Punishment For Cash Smuggling)

बिना घोषणा किए अधिक नकदी लाने पर, उसे जब्त कर लिया जाता है। 10,000 डॉलर से अधिक नकदी लाने पर कस्टम ड्यूटी + 300% तक जुर्माना लगाया जा सकता है। अवैध नकदी लाने पर व्यक्ति को 3 से 7 साल तक की जेल हो सकती है। फेमा (FEMA) के तहत मामला दर्ज होने पर अधिमान्य कार्रवाई और संपत्ति जब्ती की जा सकती है।

सोना और नकदी लाने से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

भारत सरकार ने प्रीवेंटिव डिटेंशन एक्ट के तहत सोने और नकदी की तस्करी को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा है। कस्टम अधिकारियों को बिना वॉरंट के भी तलाशी और गिरफ्तारी का अधिकार है। काला धन (Black Money) से जुड़े मामलों में PMLA के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है। विदेश से सोना और नकदी लाने के लिए भारतीय कानूनों में सख्त नियम बनाए गए हैं। पुरुष यात्रियों को अधिकतम 20 ग्राम और महिला यात्रियों को 40 ग्राम सोना लाने की छूट है।

भारतीय मुद्रा: 25,000 रुपये तक लाने की अनुमति है। विदेशी मुद्रा: 10,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक लाने पर घोषणा अनिवार्य है।

जब्‍त किए गए सोने का क्या होता है

(फोटो साभार- सोशल मीडिया)

कस्टम विभाग सोने को जब्‍त करने के बाद आरोपी को नोटिस जारी कर सोने से जुड़े सवाल पूछता है। अगर सही जवाब और सबूत मिल जाते हैं तो सोना वापस दे दिया जाता है। अगर कस्‍टम विभाग जवाबों से सहमत नहीं होता है तो सोने को डिस्पोज कर दिया जाता है।

जब्‍त किए सोने को सील कर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भेजा जाता है, जहां से इसे 999.5 शुद्धता वाले सोने में बदलकर वापस कस्टम विभाग पहुंचा दिया जाता है। कस्टम विभाग सील लगाकर सोने को नीलामी के लिए दोबारा आरबीआई के पास भेज देता है।

भारत में खाड़ी देशों से सोने की तस्करी: कारण, रास्ते और सजा

खाड़ी देशों से भारत में सोने की तस्करी का मुख्य कारण वहां सोने की कम कीमत है। खाड़ी देशों, विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात (UAE), में सरकार सोने पर टैक्स नहीं लगाती, जिससे वहां इसकी कीमत काफी कम होती है। दूसरी ओर, भारत में सोने पर भारी आयात शुल्क और टैक्स लगाया जाता है, जिससे इसकी कीमत काफी बढ़ जाती है। यही कीमतों का अंतर तस्करों को अवैध तरीके से सोना लाने के लिए आकर्षित करता है।

भारत में सोने की तस्करी के मुख्य कारण (Main Reasons For Gold Smuggling In India)

खाड़ी देशों जैसे UAE, सऊदी अरब और कतर में सोने पर कोई टैक्स नहीं लगता है। इसकी कीमत भारत की तुलना में लगभग 15-20% कम होती है। मुनाफा कमाने के लिए तस्कर सस्ता सोना खरीदकर उसे अवैध रूप से भारत में लाते हैं और ऊंची कीमत पर बेचते हैं। भारत में सोने पर 15% आयात शुल्क, 3% GST और अन्य शुल्क लगते हैं। ये टैक्स सोने की कीमत को काफी बढ़ा देते हैं।यही कारण है कि तस्कर टैक्स बचाने के लिए अवैध तरीके से सोना लाते हैं। भारत में शादियों, त्योहारों और निवेश के लिए सोने की भारी मांग रहती है। लोग सोने को काले धन को सफेद करने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं, जिससे तस्करों को खरीददार आसानी से मिल जाते हैं।

सोना तस्करी के प्रमुख रूट और देश

भारत में अवैध सोने की सबसे बड़ी खेप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से आती है। इसके बाद म्यांमार दूसरा सबसे बड़ा सोना तस्करी का स्रोत है। अफ्रीकी देश जैसे घाना, सूडान, कांगो, नाइजीरिया और तंजानिया से भी बड़ी मात्रा में सोना भारत लाया जाता है। पुराने समय में हाजी मस्तान और दाऊद इब्राहिम जैसे अंडरवर्ल्ड सरगना समुद्री रास्तों से सोने की तस्करी करते थे। अब भी अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के रास्ते सोना भारत लाया जाता है। दुबई, शारजाह, अबू धाबी और कुवैत से हवाई मार्ग द्वारा सोना लाने की तस्करी अधिक होती है। तस्कर अक्सर सोने को चप्पल, बैग, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या शरीर के अंदर छिपाकर लाते हैं। म्यांमार और बांग्लादेश से सोने की तस्करी पूर्वोत्तर राज्यों में प्रवेश कराई जाती है। खासकर मणिपुर और मिजोरम के जरिए सोने की बड़ी खेप भारत में आती है।

सोना तस्करी के आंकड़े और जब्ती

भारत में हर साल भारी मात्रा में तस्करी का सोना पकड़ा जाता है। लेकिन असल में यह पूरी तस्करी का एक छोटा हिस्सा ही होता है। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) के मुताबिक, सोने की तस्करी का केवल 10% हिस्सा ही पकड़ा जाता है, बाकी बच जाता है। सीबीआईसी (CBIC) के अनुसार, 2023-24 में करीब 4,869.6 किलोग्राम सोना पकड़ा गया था। देश में सबसे ज्यादा सोने की तस्करी के मामले महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में सामने आते हैं। कुल सोने की तस्करी के लगभग 60% मामले इन्हीं राज्यों में दर्ज किए जाते हैं।

सोने की तस्करी के नए तरीके (New Ways Of Smuggling Gold)

तस्कर लगातार नई-नई तकनीकें अपनाकर सोने को छिपाते हैं: इलेक्ट्रॉनिक सामान: सोने को फोन, लैपटॉप और स्पीकर के अंदर छिपाकर लाते हैं। शरीर में छिपाकर: कई तस्कर सोने को निगलकर या शरीर में छिपाकर लाते हैं। कपड़ों और सैंडल में: सैंडल, बैग या कपड़ों में सोने की परत लगाकर तस्करी की जाती है। दवा की कैप्सूल में: तस्कर सोने को पिघलाकर कैप्सूल में डालकर निगल लेते हैं।

कानून का उल्लंघन करने पर जुर्माना, जब्ती और जेल की सजा का प्रावधान है। इसलिए विदेश से यात्रा के दौरान कस्टम नियमों का पालन करना जरूरी है, अन्यथा आप कानूनी झंझट में फंस सकते हैं।

Admin 2

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