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Shah Jahan Sword Auction: आप भी बन सकते हैं मुगल शासक शाहजहां की तलवार के मालिक, जल्द ही होगी नीलाम
Shah Jahan Ki Talwar Ki Nilami: मुगल सम्राट शाहजहां की तलवार अब आपकी हो सकती है। वो कैसे? दरअसल, उनके तलवार की नीलामी होने जा रही है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
Shah Jahan Sword Auction (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
Shah Jahan Sword Auction: मुगलकालीन इतिहास में सम्राट शाहजहां (Shah Jahan) का नाम खासतौर पर मोहब्बत करने वालों के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता है। जिसने अपनी पत्नी मुमताज महल (Mumtaz Mahal) की याद में वास्तुकला की उपलब्धियों में विशेष रूप से शामिल ताजमहल (Taj Mahal) का निर्माण करवाया था। शाहजहां का शासनकाल (1628-1658) मुगल साम्राज्य का स्वर्ण युग माना जाता है, जिसमें स्थापत्य कला, कला और संस्कृति में विशेष उन्नति हुई और साम्राज्य अपने गौरव के शिखर पर पहुंचा।
उनके शासनकाल में लाल किला, जामा मस्जिद, मोती मस्जिद, शालीमार गार्डन जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण निर्माण भी हुए। अब इस मुगल सम्राट की तलवार, जिससे अपने जीवन में अनगिनत युद्धों में जीत हासिल की, नीलाम होने जा रही है। अब ये तलवार जल्द ही आपके हाथों में आकर भाग्य का सितारा जगमगा सकती है। असल में, दुबई में आयोजित की जाने वाली प्रदर्शनी में शाहजहां की तलवार के साथ उसी काल खंड के अन्य इस्लामी हथियारों को भी शामिल किया जाएगा। दुबई में एक प्रदर्शनी में तलवारों से लेकर कवच तक कई ऐतिहासिक इस्लामी हथियार और वस्तुएं शामिल हैं। इस संग्रह को फिलिप गिल्स रेने मिसिलियर ने 50 साल पहले तैयार किया था, जिसमें 500 साल पुराने इस्लामिक हथियारों का बड़ा संग्रह मौजूद हैं।
इस संग्रह में विभिन्न इस्लामी राजवंशों से जुड़ा इतिहास देखने को मिलेगा, जो इंडोनेशिया से लेकर स्पेन तक फैला हुआ था। मिसाइल ने प्रत्येक हथियार को उसके इतिहास और महत्व के आधार पर चुना। इस संग्रह में इस्लामी सैनिकों द्वारा प्रयुक्त हथियार, तलवारें, खंजर और भाला आदि शामिल हैं। कला और इतिहास के प्रति उत्साही लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। यह नीलामी न केवल कलात्मक वस्तुओं की बिक्री है, बल्कि यह हमें इतिहास के एक महत्वपूर्ण कालखंड में झांकने का अवसर भी प्रदान करती है। आइए इस बारे में जानते हैं विस्तार से:-
नीलामी का आयोजन:
यह नीलामी दुबई के सोथबी नामक नीलामीघर द्वारा आयोजित की जा रही है, जो कला और दुर्लभ वस्तुओं की नीलामी के लिए विश्व प्रसिद्ध है। शाहजहां की ये तलवार दशकों से दुबई के संग्रहालय की शान बनी हुई थी। ये नीलामी 29 अप्रैल को लंदन में होगी। लेकिन उससे पहले 7 से 11 अप्रैल तक दुबई में इन वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इससे लोगों को इन दुर्लभ हथियारों को करीब से देखने और उनकी ऐतिहासिक महत्व को समझने का अवसर मिलेगा।
शाहजहां की तलवार का महत्व
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
शाहजहां, मुगल साम्राज्य के सबसे प्रसिद्ध शासकों में से एक थे, जिनका शासनकाल कला, संस्कृति और वास्तुकला के लिए स्वर्ण युग माना जाता है। उनकी तलवार, जिस पर इस्लामिक भाषा में "विश्व पर कब्ज़ा करने वाला" अंकित है, जो उनकी शक्ति और वैभव का प्रतीक है। यह तलवार न केवल एक हथियार है, बल्कि यह एक कलाकृति भी है, जो मुगलकालीन शिल्प कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस तलवार की अनुमानित कीमत 6.63 करोड़ से 8.84 करोड़ के बीच आंकी गई है।
अन्य इस्लामी हथियार:
इस संग्रह में विभिन्न प्रकार के कई अन्य भी इस्लामी हथियार शामिल हैं, जिनमें तलवारें, खंजर, ढाल और अन्य सैन्य उपकरण शामिल हैं। ये हथियार विभिन्न ऐतिहासिक कालखंडों और संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व करते हैं और इस्लामी कला और शिल्प कौशल की विविधता को दर्शाते हैं। इस संग्रह में मुगल काल का एक खंजर और ओटोमन साम्राज्य की एक ढाल भी शामिल है, जो कला और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
मुगल काल का खंजर:
यह खंजर 18वीं सदी का है, जिस पर घोड़े के आकार की नक्काशी की गई है। यह उस समय के कलात्मक कौशल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
सोथबी ने इसकी अनुमानित कीमत 55 लाख से 77 लाख रुपये के बीच आंकी है।
ओटोमन साम्राज्य की ढाल:
यह ढाल 17वीं शताब्दी की है और एक दुर्लभ कलाकृति है।इसकी अनुमानित कीमत 66 लाख से 88 लाख रुपये तक जा सकती है। ये कलाकृतियां न केवल अपनी सुंदरता के लिए, बल्कि अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। ये हमें उस समय की कला, संस्कृति और सैन्य इतिहास के बारे में जानकारी देती हैं।
नीलामी का महत्व:
यह नीलामी इस्लामी कला और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए एक दुर्लभ अवसर है।
इन कलाकृतियों की बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग ऐतिहासिक कलाकृतियों के संरक्षण और अध्ययन के लिए किया जा सकता है।
इस तरह की नीलामी से ऐतिहासिक कलाकृतियों के बारे में जागरूकता बढ़ती है और उन्हें संरक्षित करने के लिए प्रयास किए जाते हैं। यह नीलामी न केवल कला और इतिहास के प्रेमियों के लिए, बल्कि शोधकर्ताओं और इतिहासकारों के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह उन्हें मुगल काल के हथियारों और सैन्य तकनीक को समझने का अवसर प्रदान करती है।
दुर्लभ और बेशकीमती की नीलामी के लिए मशहूर है दुबई
दुबई नीलामी के लिए कई कारणों से प्रसिद्ध है-
विलासिता और विशिष्टता:
दुबई विलासिता और विशिष्टता का केंद्र है, जो दुनिया भर के धनी खरीदारों और संग्राहकों को आकर्षित करता है। यहां दुर्लभ और मूल्यवान वस्तुओं की नीलामी होती है, जैसे कि हीरे, कलाकृतियां और विशेष नंबर प्लेटें, जो उच्च कीमतों पर बिकती हैं।
रणनीतिक स्थान:
दुबई एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है, जो पूर्व और पश्चिम के बीच स्थित है। इसका रणनीतिक स्थान इसे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और विक्रेताओं के लिए एक सुविधाजनक स्थान बनाता है।
आर्थिक केंद्र:
दुबई एक प्रमुख आर्थिक केंद्र है, जहां बड़ी मात्रा में निवेश और व्यापार होता है। इससे नीलामी के लिए एक मजबूत बाजार बनता है, जहां लोग मूल्यवान वस्तुओं में निवेश करने के लिए तैयार रहते हैं।
पर्यटन:
दुबई एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जो हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह पर्यटन उद्योग नीलामी के लिए एक विशाल दर्शक वर्ग प्रदान करता है, जो दुर्लभ वस्तुओं में रुचि रखता है।
आयोजन:
दुबई में कई अंतरराष्ट्रीय स्तर की नीलामी का आयोजन होता है, जिसमें कलाकृतियां, गहने और अन्य मूल्यवान वस्तुएं बेची जाती हैं। उदाहरण के लिए, आईपीएल की नीलामी भी दुबई में आयोजित की जा रही है।
विशेष नंबर प्लेटों की नीलामी
दुबई में विशेष नंबर प्लेटों की नीलामी भी काफी लोकप्रिय है, जहां धनी व्यक्ति अपनी स्थिति और धन का प्रदर्शन करने के लिए लाखों दिरहम खर्च करते हैं। जो धनी व्यक्तियों के बीच प्रतिष्ठा का प्रतीक है। इन सभी कारणों से, दुबई नीलामी के लिए एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बन गया है, जो दुनिया भर के खरीदारों और विक्रेताओं को आकर्षित करता है।