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Sonbhadra : चाचा-भतीजी ऑनलाइन ऐप के जरिए कर रहे थे शेयर ट्रेडिंग, .. गायब हो गए दो करोड़ 44 लाख, साइबर पुलिस ने शुरू की छानबीन
Sonbhadra News: ठगे जाने की जानकारी उन्हें तब हुई, जब 68 लाख और मांगे जाने लगे। प्रकरण में एसपी के निर्देश पर साइबर थाने में आईटी एक्ट के केस दर्ज कर लिया गया है।
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Sonbhadra News: जिले में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के जरिए दो करोड़ 65 लाख से अधिक के रकम की ठगी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। ऑनलाइन ऐप के जरिए शेयर ट्रेडिंग कर रहे चाचा-भतीजी ने साइबर जालसालों के जाल में फंस कर, एक के बाद एक 24 ट्रांजेक्शन कर डाले। इसके जरिए, दो करोड़ 44 लाख 62 हजार 835 रुपये की रकम भी उनके बताए खाते में ट्रांसफर कर दी। ठगे जाने की जानकारी उन्हें तब हुई, जब 68 लाख और मांगे जाने लगे। प्रकरण में एसपी के निर्देश पर साइबर थाने में आईटी एक्ट के केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित से वाकए की पूरी जानकारी लेनेे के साथ ही, मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।
यह है पूरा मामला, इस तरह की गई लगभग ढाई करोड़ की ठगी:
युगलकिशोर तिवारी शक्तिनगर थाना क्षेत्र स्थित एनसीएल के बीना कोल प्रोजेक्ट में कार्यरत हैं। 13 जनवरी 2025 को उनके ह्वाट्सए पर गूगल प्ले का एक लिंग पहुंचा, जिसमें शेयरखान एज नामक शेयर ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी गई। इसको डाउनलोड कर उन्होने स्वयं और भतीजी के नाम से डिमेट एकांउट हासिल किया। इसके बाद उन्हें ह्वाटसएप और फोन के जरिए शेयर खरीदारी की सलाह दी जाने लगी। बीच में एक-दो बार उन्हें मुनाफे का भुगतान किया गया। इस बीच साइबर जालसाजों के जाल में फंसकर चाचा-भतीजी के डिमेट एकांउट के जरिए, दो-चार लाख नहीं बल्कि दो करोड़,27 लाख दो हजार 616 रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।
यहां आकर हुई ठगे जाने की जानकारी:
सर्विस टैक्स/चार्ज के नाम पर 15 लाख 30 हजार 626 और 22 लाख 95 हजार 934 रुपये अलग- अलग तिथियों में जमा कराए गए। जब पैसे निकासी की बारी आई तो कभी लिंक फेल तो कभी बैंक खाता गलत दर्शाने लगा। संबंधित नंबरों पर संपर्क करने पर वेरीफिकेशन चार्ज के नाम पर एक डिमेट एकाउंट के लिए 20 लाख और एक के लिए 48 लाख की मांग की जाने लगी। वेरीफिकेशन के नाम पर इतनी बड़ी एकाउंट की मांग होने पर ठगे जाने की आशंका हुई। जब दूसरों के जरिए इसकी सच्चाई पता करवाई तो पता चला कि चाचा-भतीजी दोनों अच्छी-खासी ठगी के शिकार हो चुके हैं।
एसपी से लगाई गुहार तो शुरू हुई छानबीन:
ठगे जाने की जानकारी के बाद, पीड़ित ने शक्तिनगर थाने जाकर गुहार लगाई। वहां से एसपी कार्यालय जाकर स्थिति से अवगत कराने के लिए कहा गया। पुलिस लाइन पहुंचकर, एसपी से फरियाद लगाई। उन्होंने तत्काल साइबर थाने जाकर मामला दर्ज कराने की सलाह दी। इसके बाद पीड़ित ने साइबर थाने पहुंचकर तहरीर सौंपी जहां आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक प्रकरण की छानबीन की जा रही है।